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EPF Scheme 2026 ने 1952 की स्कीम की जगह ली: एम्प्लॉयर्स के लिए असल में क्या बदला

Employees' Provident Funds Scheme, 2026 ने 29 जून 2026 को 1952 की स्कीम की जगह ली। ज़्यादातर मासिक काम वैसा ही है। तीन चीज़ें नहीं: कॉन्ट्रैक्ट लेबर के लिए प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की ज़िम्मेदारियाँ अपने फ़ॉर्म और समय-सीमा के साथ साफ़ लिखी गई हैं, रिटर्न पंद्रह दिन की घड़ी पर चलते हैं, और छूट-प्राप्त संस्थानों के लिए नियम सख़्त हुए हैं। हर बदलाव व्यवहार में क्या बदलता है, यहाँ बताया है।

एक्शन बॉक्स
किस पर असर
EPF Act के तहत कवर हर एम्प्लॉयर; ख़ासकर सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग या मैनपावर कॉन्ट्रैक्टर इस्तेमाल करने वाले प्रिंसिपल एम्प्लॉयर, और अपने PF ट्रस्ट वाले छूट-प्राप्त (exempted) संस्थान।
क्या करें
अक्टूबर के ECR से पहले: पोर्टल पर हर कॉन्ट्रैक्टर को Form X में डिक्लेयर करें, हर कॉन्ट्रैक्टर से अक्टूबर का Form XI 10 नवंबर तक लें, ECR और TRRN के सबूत जाँचें, Form XII एब्स्ट्रैक्ट 20 नवंबर तक फ़ाइल करें, और पंद्रह दिन व बीस दिन वाली तारीख़ें अपने कैलेंडर में जोड़ें।
आख़िरी तारीख़
अक्टूबर 2026 के ECR की आख़िरी तारीख़ (पैराग्राफ़ 20: महीना ख़त्म होने के पंद्रह दिन के भीतर)। अक्टूबर का Form XII एब्स्ट्रैक्ट 20 नवंबर तक जमा करना है।
चूकने पर जुर्माना
जहाँ कॉन्ट्रैक्टर का संस्थान स्वतंत्र रूप से रजिस्टर्ड नहीं है, वहाँ कॉन्ट्रैक्ट लेबर का योगदान प्रिंसिपल एम्प्लॉयर को भरना है; बिना जमा रकम का असेसमेंट Code की धारा 125 (पुराने Act की धारा 7A) के तहत इंक्वायरी में होता है, पैराग्राफ़ 23 के तहत डैमेज और धारा 127 के तहत ब्याज के साथ। छूटे हुए रिटर्न और फ़ॉर्म पर नोटिस और Code के तहत कार्रवाई हो सकती है।
आधिकारिक स्रोत
Employees' Provident Funds Scheme, 2026, G.S.R. 525(E): paragraphs 1 (commencement), 20 (responsibility for payment), 23 (damages), 24 (duties of employers), 27 (duties of principal employer and contractor), and the chapter on exempted establishments
संक्षेप में जवाब

EPF Scheme 2026 ने एम्प्लॉयर्स के लिए क्या बदला?

व्यवहार में तीन चीज़ें। प्रिंसिपल एम्प्लॉयर को रजिस्टर करना होगा, हर कॉन्ट्रैक्टर को Form X में डिक्लेयर करना होगा और बीस दिन के भीतर Form XII में मासिक एब्स्ट्रैक्ट फ़ाइल करना होगा, और जहाँ कॉन्ट्रैक्टर का संस्थान स्वतंत्र रूप से रजिस्टर्ड नहीं है, वहाँ कॉन्ट्रैक्ट लेबर के योगदान की ज़िम्मेदारी उसी की रहती है। रिटर्न पंद्रह दिन पर चलते हैं: स्कीम लागू होने के पंद्रह दिन के भीतर एक कंसॉलिडेटेड Form V, और महीना ख़त्म होने के पंद्रह दिन के भीतर नए जुड़ने वालों और ट्रांसफ़र का मासिक अपलोड। छूट-प्राप्त ट्रस्टों के लिए नियम सख़्त हुए हैं। दरें, ₹25,000 सीलिंग, ECR और UAN नहीं बदले।

संक्षिप्त सार
क्या बदला
Employees' Provident Funds Scheme, 2026 (G.S.R. 525(E), 29 जून 2026 को नोटिफ़ाई) ने Employees' Provident Funds Scheme, 1952 की जगह ले ली है। यह नियमों को एक ही टेक्स्ट में दोबारा लिखती है, Forms X, XI और XII के साथ प्रिंसिपल एम्प्लॉयर और कॉन्ट्रैक्टर की ड्यूटी साफ़ बताती है, रिटर्न को पंद्रह दिन की समय-सीमा पर रखती है, और छूट-प्राप्त संस्थानों की शर्तें सख़्त करती है।
कब से लागू
गज़ट में प्रकाशन पर; नोटिफ़िकेशन 29 जून 2026 का है और EPFO ने इसे 1 जुलाई 2026 से लागू किया।
किस पर असर
EPF Act के तहत कवर हर संस्थान, जिसमें सबसे बड़ा व्यावहारिक बदलाव कॉन्ट्रैक्टर इस्तेमाल करने वाले प्रिंसिपल एम्प्लॉयर्स और अपने ट्रस्ट वाले छूट-प्राप्त संस्थानों पर पड़ता है।
आपको क्या करना है
हर कॉन्ट्रैक्टर को रजिस्टर करें और Form X में डिक्लेयर करें, हर कॉन्ट्रैक्टर से Form XI 10 तारीख़ तक लें, Form XII एब्स्ट्रैक्ट 20 तारीख़ तक फ़ाइल करें, नए जुड़ने वालों और ट्रांसफ़र का मासिक अपलोड पंद्रह दिन के भीतर रखें, और अगर आप छूट-प्राप्त ट्रस्ट चलाते हैं, तो उसे नई शर्तों के हिसाब से जाँचें।
आधिकारिक स्रोत
Employees' Provident Funds Scheme, 2026, G.S.R. 525(E): paragraphs 1 (commencement), 20 (responsibility for payment), 23 (damages), 24 (duties of employers), 27 (duties of principal employer and contractor), and the chapter on exempted establishments

क्या बदला

29 जून 2026 के गज़ट नोटिफ़िकेशन G.S.R. 525(E) के अनुसार, जो Code on Social Security, 2020 की धारा 15 के तहत बना है, Employees' Provident Funds Scheme, 2026 ने Employees' Provident Funds Scheme, 1952 की जगह ले ली है, सिवाय उन कामों के जो इस बदलाव से पहले किए गए। यह प्रकाशन के साथ लागू हुई, और EPFO ने इसे 1 जुलाई 2026 से लागू किया। 1952 की स्कीम में इतनी बार संशोधन हुए थे कि उसे पढ़ना सत्तर साल के पैबंद पढ़ने जैसा था। 2026 की स्कीम नियमों को एक ही टेक्स्ट में दोबारा लिखती है।

ज़्यादातर एम्प्लॉयर्स के लिए मासिक रूटीन नहीं बदलता। तीन चीज़ें बदलती हैं।

1. कॉन्ट्रैक्ट लेबर: प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की ड्यूटी साफ़ लिखी गई है। 1952 की स्कीम प्रिंसिपल एम्प्लॉयर तक पहुँचने के लिए Act और EPFO की प्रैक्टिस पर निर्भर थी। 2026 की स्कीम यह सीधे कहती है। पैराग्राफ़ 20 एम्प्लॉयर को पहली बार में उन कर्मचारियों के दोनों शेयर भरने को कहता है जो सीधे या किसी कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए रखे गए हैं, जहाँ कॉन्ट्रैक्टर का संस्थान स्वतंत्र रूप से रजिस्टर्ड नहीं है, और साथ में जोड़ता है कि कॉन्ट्रैक्ट लेबर के योगदान की ज़िम्मेदारी प्रिंसिपल एम्प्लॉयर पर हर हाल में रहती है। फिर पैराग्राफ़ 27 तरीक़ा बताता है: प्रिंसिपल एम्प्लॉयर हर कॉन्ट्रैक्टर को Form X में रजिस्टर और डिक्लेयर करता है; कॉन्ट्रैक्टर संयुक्त रूप से और अलग-अलग (jointly and severally) देनदार है; कॉन्ट्रैक्टर महीना ख़त्म होने के दस दिन के भीतर प्रिंसिपल एम्प्लॉयर को हर कॉन्ट्रैक्ट वर्कर के UAN, वेज और योगदान का Form XI स्टेटमेंट भेजता है; और प्रिंसिपल एम्प्लॉयर बीस दिन के भीतर Commissioner के पास Form XII मासिक एब्स्ट्रैक्ट फ़ाइल करता है। अगर आप सिक्योरिटी गार्ड, हाउसकीपिंग स्टाफ़ या किसी भी मैनपावर कॉन्ट्रैक्टर का इस्तेमाल करते हैं, तो सबसे पहले यही बदलाव पढ़ें। मैंने इस पर अलग से 2026 स्कीम के तहत प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की PF देनदारी में लिखा है।

2. रिटर्न पंद्रह दिन की समय-सीमा पर। पैराग्राफ़ 24 के तहत संस्थान पर स्कीम लागू होने के पंद्रह दिन के भीतर Form V में एक कंसॉलिडेटेड रिटर्न देना होता है (अगर कोई योग्य नहीं है तो nil रिटर्न), और हर महीना ख़त्म होने के पंद्रह दिन के भीतर उन कर्मचारियों का इलेक्ट्रॉनिक अपलोड जो पहली बार मेंबरशिप के योग्य हुए, और UAN लिंकेज से आए ट्रांसफ़र का। पैराग्राफ़ 20 के तहत योगदान भी महीना ख़त्म होने के पंद्रह दिन के भीतर देय है। ECR जारी रहता है; ये उसके आसपास के रिटर्न हैं, और हर एक के लिए आपके कंप्लायंस कैलेंडर में एक लाइन और एक ज़िम्मेदार व्यक्ति होना चाहिए।

3. छूट-प्राप्त संस्थान। छूट-प्राप्त संस्थानों वाला चैप्टर एम्प्लॉयर से Code की धारा 16, 125, 128 और 129 का पालन करने, तय बदलावों की जानकारी Regional PF Commissioner को देने, और ट्रस्ट को Central Board के जारी किए बोर्ड-ऑफ़-ट्रस्टीज़ दिशानिर्देशों के तहत चलाने को कहता है। जो ट्रस्ट औपचारिक छूट नोटिफ़िकेशन के बिना इनकम-टैक्स मान्यता पर चल रहे हैं, वे AMNESTY 2026 के तहत नियमित हो सकते हैं।

यह किसके काम का नहीं है

यह पोस्ट ₹25,000 वेज सीलिंग के बदलाव को कवर नहीं करती। वह एक अलग नोटिफ़िकेशन से आया और उसके अपने व्यावहारिक सवाल हैं, जिनके जवाब ₹25,000 सीलिंग के तहत अक्टूबर 2026 ECR में हैं। यह उस कर्मचारी की भी मदद नहीं करती जिसका अपना रिकॉर्ड ग़लत है; कर्मचारियों की गाइड PF क्लेम रिजेक्ट से शुरू होती हैं।

किस पर असर

  • हर कवर्ड संस्थान, क्योंकि जिस स्कीम टेक्स्ट का आप पालन कर रहे हैं वह बदल गया है, भले ही नियम न बदला हो।
  • कॉन्ट्रैक्टर इस्तेमाल करने वाले प्रिंसिपल एम्प्लॉयर, जिन पर अब कॉन्ट्रैक्टर के चूकने पर कॉन्ट्रैक्ट लेबर के PF की लिखित देनदारी है।
  • छूट-प्राप्त संस्थान, जिनकी ट्रस्ट की शर्तें दोबारा लिखी गई हैं।
  • ख़ुद कॉन्ट्रैक्टर, ख़ासकर सिक्योरिटी एजेंसियाँ और मैनपावर सप्लायर, क्योंकि उनके क्लाइंट अब साल में एक बार के बजाय हर महीने सबूत माँगेंगे।

बीस स्टाफ़ वाला और बिना कॉन्ट्रैक्टर वाला एम्प्लॉयर नए रिटर्न के अलावा लगभग कुछ नहीं महसूस करेगा। जिस फ़ैक्ट्री में साइट पर चार कॉन्ट्रैक्टर हैं, उसके लिए असली काम है।

क्या करें

  1. हर कॉन्ट्रैक्टर की सूची बनाएँ और डिक्लेयर करें जो आपके परिसर में वर्कर दे रहा है, उसके EPFO संस्थान कोड के साथ, पोर्टल पर Form X में। कोड न होने का मतलब है कि कॉन्ट्रैक्टर का संस्थान स्वतंत्र रूप से रजिस्टर्ड नहीं है, और तब पैराग्राफ़ 20 पहली बार में योगदान आप पर डालता है।
  2. हर एक से तीन महीने के सबूत लें: आपके यहाँ लगाए गए वर्कर्स का ECR, TRRN रसीद और वेज रजिस्टर। कंप्लायंस सर्टिफ़िकेट सबूत नहीं है।
  3. हर कॉन्ट्रैक्टर को कॉन्ट्रैक्टर रिस्क चेक से जाँचें ताकि पता चले कि आप कहाँ खड़े हैं और अब से हर महीने कौन-से दस्तावेज़ लेने हैं।
  4. तारीख़ें जोड़ें अपने कैलेंडर में, एक ज़िम्मेदार व्यक्ति के साथ: कॉन्ट्रैक्टर का Form XI 10 तारीख़ तक, योगदान और मासिक मेंबरशिप अपलोड 15 तारीख़ तक, Form XII एब्स्ट्रैक्ट 20 तारीख़ तक, और Form V एक बार, स्कीम लागू होने के पंद्रह दिन के भीतर।
  5. अगर आप छूट-प्राप्त ट्रस्ट चलाते हैं, तो ट्रस्ट डीड, बोर्ड की बनावट और पिछले ऑडिटेड अकाउंट्स को नई गवर्नेंस शर्तों से मिलाएँ, और कमियों की सूची बनाएँ।
  6. पुरानी स्कीम के वे सर्कुलर संभालकर रखें जिन पर आप भरोसा करते आए हैं। जहाँ 2026 का टेक्स्ट वही नियम रखता है, वहाँ वे अब भी काम आते हैं; जहाँ बदला है, वहाँ अंतर नोट करें।

इससे क्या नहीं बदलता

  • योगदान की दरें: 12% एम्प्लॉई, 12% एम्प्लॉयर, जिसमें 8.33% EPS में और 3.67% EPF में, वेज सीलिंग के भीतर।
  • मासिक ECR, जिसमें योगदान महीना ख़त्म होने के पंद्रह दिन के भीतर देय है।
  • UAN, KYC और क्लेम, ट्रांसफ़र और सुधार की मेंबर-साइड प्रक्रियाएँ।
  • देर से पेमेंट पर डैमेज, अब पैराग्राफ़ 23 की दर पर, देरी की अवधि के हिसाब से बकाया का 0.25% से 1% प्रति माह, और Code की धारा 127 (पुराने Act की धारा 7Q) के तहत ब्याज।
  • बकाया का असेसमेंट करने के लिए Code की धारा 125 (पुराने Act की धारा 7A) के तहत इंक्वायरी करने की EPFO की शक्ति।

आपके PF कंप्लायंस में जो पहले से समस्या थी, वह अब भी समस्या है। स्कीम ज़िम्मेदारियों को दोबारा लिखती है; पुरानी ज़िम्मेदारियाँ मिटाती नहीं।

आप ख़ुद मुफ़्त में क्या कर सकते हैं

आप ख़ुद मुफ़्त में क्या कर सकते हैं

यहाँ सब कुछ मुफ़्त है और EPFO की अपनी सेवाओं पर होता है। NidhiSetu स्वतंत्र है और EPFO से जुड़ा नहीं है; EPFO की अपनी सेवाएँ मुफ़्त हैं।

  • 2026 की स्कीम गज़ट में पढ़ें; नोटिफ़िकेशन की तारीख़ के साथ एक कॉपी रखें।
  • एम्प्लॉयर पोर्टल पर हर कॉन्ट्रैक्टर का संस्थान कोड जाँचें और देखें कि उनके ECR फ़ाइल हो रहे हैं या नहीं।
  • पिछले छह महीनों की अपनी ECR और TRRN रसीदें डाउनलोड करें और उन्हें ऐसी जगह रखें जहाँ इंस्पेक्टर देख सके।
  • कॉन्ट्रैक्ट-लेबर कंप्लायंस से जुड़े लाइसेंस और रिटर्न जाँचने के लिए Shram Suvidha का इस्तेमाल करें।
  • नए रिटर्न के बारे में कोई सवाल हो और उसका जवाब न मिले, तो उसे EPFiGMS पर एम्प्लॉयर कैटेगरी में उठाएँ।

विशेषज्ञ की मदद कब काम की है

  • कोई कॉन्ट्रैक्टर आपकी साइट पर काम कर रहे वर्कर्स के लिए ECR का सबूत नहीं दे पा रहा है, और अगले पेमेंट रन से पहले आपको जानना है कि आपकी देनदारी कितनी बनती है।
  • आपका एग्ज़ेम्प्टेड ट्रस्ट कई शर्तों में पीछे है, और आपको तय करना है कि उसे रेगुलराइज़ करें या सरेंडर करें।
  • कॉन्ट्रैक्ट लेबर का हवाला देते हुए 7A नोटिस पहले ही आ चुका है।
  • आप चाहते हैं कि पूरा सेट-अप, यानी कॉन्ट्रैक्टर, रिटर्न और ट्रस्ट, एक बार रिव्यू हो और उसे हर महीने के रूटीन में बदल दिया जाए; मेरा कॉन्ट्रैक्टर कंप्लायंस और PF / EPFO कंप्लायंस का काम यही कवर करता है।
आधिकारिक स्रोत
स्रोत
श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय (भारत का राजपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3(i))
दस्तावेज़
Employees' Provident Funds Scheme, 2026, G.S.R. 525(E): paragraphs 1 (commencement), 20 (responsibility for payment), 23 (damages), 24 (duties of employers), 27 (duties of principal employer and contractor), and the chapter on exempted establishments
तारीख़
29 जून 2026
संदर्भ
G.S.R. 525(E)

आधिकारिक दस्तावेज़ पढ़ें →

यह समझने में मदद चाहिए कि नई स्कीम का आपके संस्थान के लिए क्या मतलब है?

2026 Scheme का ज़्यादातर हिस्सा 1952 Scheme ही है, बस नंबरिंग व्यवस्थित कर दी गई है। जोखिम उन हिस्सों में है जो नए हैं, और उनका असर सब पर एक जैसा नहीं पड़ता: चार कॉन्ट्रैक्टर वाली फ़ैक्ट्री की देनदारी, बिना किसी कॉन्ट्रैक्टर वाली सॉफ़्टवेयर कंपनी से बिल्कुल अलग होती है।

मैं एम्प्लॉयर्स को स्कीम को उनके अपने सेट-अप पर लागू करके समझने में मदद करता हूँ: किन कॉन्ट्रैक्टरों से हर महीने सबूत चाहिए, 15 दिन वाले रिटर्न का उनकी फ़ाइलिंग पर क्या मतलब है, और एग्ज़ेम्प्टेड संस्थानों के लिए ट्रस्ट को क्या बदलना होगा। कोई भी काम शुरू करने से पहले फ़ीस, दायरा और समय-सीमा लिखित में तय होती है।

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लोग जो सवाल पूछते हैं

क्या EPF Scheme 2026 में कॉन्ट्रिब्यूशन की दरें बदलती हैं?

नहीं। कर्मचारी और एम्प्लॉयर का योगदान PF वेज का 12% ही रहता है, और एम्प्लॉयर के हिस्से में से 8.33% पेंशन में और 3.67% PF में जाता है, वेज सीलिंग की शर्त के साथ। सीलिंग को ₹25,000 करने का बदलाव 17 सितंबर 2026 के एक अलग नोटिफ़िकेशन से आया।

पंद्रह दिन वाला रिटर्न क्या है?

पैराग्राफ़ 24 में दो बातें हैं। पहली, संस्थान पर Scheme लागू होने के पंद्रह दिन के भीतर Form V में एक कंसॉलिडेटेड रिटर्न (अगर कोई योग्य न हो तो nil रिटर्न)। दूसरी, हर महीने के ख़त्म होने के पंद्रह दिन के भीतर उन कर्मचारियों का इलेक्ट्रॉनिक अपलोड जो पहली बार मेंबर बने, और UAN लिंकेज से आए ट्रांसफ़र-इन का। पैराग्राफ़ 20 के तहत योगदान भी महीना ख़त्म होने के पंद्रह दिन के भीतर जमा करना होता है।

Form X, XI और XII क्या हैं?

Form X प्रिंसिपल एम्प्लॉयर का रजिस्ट्रेशन और लगाए गए हर कॉन्ट्रैक्टर का डिक्लेरेशन है। Form XI कॉन्ट्रैक्टर का प्रिंसिपल एम्प्लॉयर को दिया जाने वाला मासिक स्टेटमेंट है, जो महीना ख़त्म होने के दस दिन के भीतर देना होता है, जिसमें हर कॉन्ट्रैक्ट वर्कर का नाम, UAN, वेज और योगदान होता है। Form XII प्रिंसिपल एम्प्लॉयर का कमिश्नर को दिया जाने वाला मासिक सार है, जो महीना ख़त्म होने के बीस दिन के भीतर देना होता है, जिसमें कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की कटौतियाँ और योगदान होते हैं। जहाँ EPFO का पोर्टल यही जानकारी दर्ज कर लेता है, वहाँ कंप्लायंस हुआ माना जाता है।

हम अपने कॉन्ट्रैक्टर का इनवॉइस पूरा चुकाते हैं। फिर उनके PF की देनदारी हम पर क्यों होगी?

पैराग्राफ़ 20 के तहत सीधे रखे गए कर्मचारियों के लिए, और कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए रखे गए उन कर्मचारियों के लिए भी जहाँ कॉन्ट्रैक्टर का संस्थान अलग से रजिस्टर्ड नहीं है, पहली बार में दोनों हिस्से एम्प्लॉयर को ही भरने होते हैं, और इसमें लिखा है कि किसी भी दूसरी बात के बावजूद कॉन्ट्रैक्ट लेबर के योगदान की ज़िम्मेदारी प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की बनी रहती है। पैराग्राफ़ 27 कॉन्ट्रैक्टर को आपके साथ संयुक्त रूप से और अलग-अलग (jointly and severally) ज़िम्मेदार बनाता है। इनवॉइस चुका देना इस बात का सबूत नहीं है कि कॉन्ट्रैक्टर ने PF जमा किया; उसका सबूत उनका ECR और TRRN है।

हमारा संस्थान एग्ज़ेम्प्टेड है और अपना ट्रस्ट चलाता है। क्या बदलता है?

एग्ज़ेम्प्टेड संस्थानों वाला चैप्टर: एम्प्लॉयर को Code की धारा 16, 125, 128 और 129 का पालन करना होगा, तय बदलावों की सूचना Regional PF Commissioner को देनी होगी, और ट्रस्ट को Central Board के जारी किए गए board-of-trustees दिशानिर्देशों के तहत चलाना होगा। जो ट्रस्ट औपचारिक एग्ज़ेम्प्शन नोटिफ़िकेशन के बिना इनकम-टैक्स मान्यता पर चलते आ रहे हैं, वे AMNESTY 2026 का इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्या 1952 Scheme के तहत जारी पुराने सर्कुलर अब भी लागू होते हैं?

2026 Scheme ने 1952 Scheme की जगह ले ली है, सिवाय उन कामों के जो उससे पहले हो चुके थे। जो सर्कुलर ऐसे प्रावधानों की व्याख्या करते हैं जो 2026 के पाठ में ज्यों के त्यों आ गए हैं, वे अब भी काम के हैं; जहाँ 2026 के पाठ ने नियम बदल दिया है, वहाँ नया पाठ ही मान्य है। शक हो तो रीजनल ऑफ़िस से लिखित में पूछें।

स्रोत और संदर्भ

  1. आधिकारिक Employees' Provident Funds Scheme, 2026, G.S.R. 525(E): paragraphs 1 (commencement), 20 (responsibility for payment), 23 (damages), 24 (duties of employers), 27 (duties of principal employer and contractor), and the chapter on exempted establishments — श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय (भारत का राजपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3(i)) · 29 जून 2026 · संदर्भ: G.S.R. 525(E)
    28 अक्टूबर 2026 को गज़ट PDF से मिलान किया गया।
  2. EPFO order dated 8 July 2026 implementing the Employees' Enrolment Campaign, 2026 (copy) — EPFO, StaffNews के ज़रिए · 8 जुलाई 2026
    इसमें 29 जून 2026 के G.S.R. 525(E), 526(E) और 527(E) का हवाला है और Scheme को 1 जुलाई 2026 से लागू किया गया है।

स्रोत 28 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए। अगर कोई आधिकारिक पेज बदल गया है या हट गया है, तो आधिकारिक संस्करण ही मान्य है।

स्वतंत्रता और सटीकता: NidhiSetu एक स्वतंत्र प्राइवेट कंसल्टेंसी है। यह EPFO या ESIC नहीं है, और किसी सरकारी संस्था से जुड़ी, उसके द्वारा समर्थित या उसकी प्रतिनिधि नहीं है। EPFO और ESIC की अपनी सेवाएँ मुफ़्त हैं; मेरी फ़ीस जाँच, दस्तावेज़, फ़ॉलो-अप और एस्केलेशन के लिए है, जो किसी भी काम से पहले लिखित में तय होती है। यह लेख सामान्य जानकारी है, क़ानूनी सलाह नहीं। नियम और प्रक्रियाएँ आधिकारिक नोटिफ़िकेशन और सिस्टम अपडेट से बदलती हैं, इसलिए ताज़ा स्थिति संबंधित विभाग से ज़रूर जाँचें।

Shobhit Kesarwani
स्वतंत्र EPFO और पेरोल-कंप्लायंस कंसल्टेंट, लुधियाना

मैं 2019 से PF, EPFO और पेरोल-कंप्लायंस की समस्याओं पर काम कर रहा हूँ और हर मैसेज का जवाब ख़ुद देता हूँ। मैं एक स्वतंत्र कंसल्टेंट हूँ: न EPFO, न कोई सरकारी दफ़्तर, न कोई लॉ फ़र्म। मैं जो भी सुझाता हूँ, वह EPFO के अपने फ़ॉर्म, पोर्टल और शिकायत के रास्तों से होता है।

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